नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को बताया कि रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से ज़्यादा समय से चल रहे संघर्ष के दौरान, ब्लैक सी में एक कमर्शियल जहाज पर हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। यह जहाज MV OMORFI मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला था जो रूस के समुद्री इलाके में मौजूद था। यह जहाज आखिरी बार रूस के सेंट पीटर्सबर्ग बंदरगाह पर रुका था। बता दें कि यह हमला 18 जुलाई को तब हुआ जब MV OMORFI ब्लैक सी में आगे बढ़ रहा था। बताया जा रहा है कि यह जहाज उस समय रूस के समुद्री इलाके में था। घटना के समय 10 क्रू सदस्य इस जहाज पर सवार थे, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे। MEA ने मृतक की पहचान का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उनके परिवार के प्रति सरकार की गहरी संवेदना व्यक्त की है।
अन्य दो भारतीय सुरक्षित
मंत्रालय ने यह भी कहा कि जहाज पर मौजूद अन्य दो भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। MEA ने कहा कि रूस में भारतीय मिशन ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया है और मृतक के परिवार की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की है और सभी पक्षों से "समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करने" का आह्वान किया है।
भारत ने हमले की निंदा की
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा, "भारत कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाने और निर्दोष नागरिक क्रू सदस्यों की जान को खतरे में डालने वाले ऐसे हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा करता है। यह गंभीर चिंता का विषय है कि नेविगेशन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्वतंत्रता को बढ़ते खतरों का सामना करना पड़ रहा है।"
रूसी हमले में चार भारतीयों की हुई थी मौत
बता दें कि MV OMORFI पर यह हमला MV GOLDEN LEO पर रूस के हमले के कुछ दिनों बाद हुआ, जिसमें चार भारतीयों की मौत हो गई थी। इस जहाज पर यूक्रेन के तट के पास हमला तब हुआ, जब वह ओडेसा से निकल रहा था। इसमें लगभग 17 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक भी शामिल थे। इस हमले में एक भारतीय घायल भी हुआ था और उसे मेडिकल इलाज दिया गया। खबरों के मुताबिक, यह जहाज गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला मर्चेंट जहाज था और इसमें ज़्यादातर भारतीय और सीरियाई लोग काम कर रहे थे।
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